इहां चाहे उंहा। उपर चाहे नीचे। भीतर चाहे बाहर। घरे चाहे परदेस। हिंदी चाहे भोजपुरी। भोजपुरिया माटी के खुबी बा कि ऊ जहां रही, आपन दम जरूर लगाई। कुछ करामात जरूर देखाई। ऊ एमे सफल भी होला ।
अइसने एगो दे दना दन दम देखे के मिललs- दस का दम में। जहवां सलमान खान के दम निकाल देली - लाली। ई `अगले जनम में मोहे बिटिया ही किजो` के लाली हई।
लाली पटना के हई। इनकर मूल नाम - रतन राजपूत हs। अपना भाई के साथ मुंबई में रहे ली। जेतना देखें में सुंदर, ओतने बोले में तेज। तबे तs लड़कियन के, हीरोइनन के तंग करेवाला खुद तंगे-तंगे हो गइल। बेचारा के हेकड़ी गुम हो गइल। सुनते उनकर ई गी .......................
गीते ना। बातचीत, चाल-ढाल, नाज-नखरा, हाव-भाव सब के सब दिल जीत ले ल•स। काहे कि उनकर हर शब्द, हर अदा एकदम खांती भोजपुरिया रहे। एकदम गंवई। लुभावेवाला, ललचावेवाला। एकदम मस्त अंदाज। पूरा स्टूडियो ताली से गुंजत-गरजत रहे। एक-एक शब्द पर, एक-एक ठुमका पर। ऊ सलमान के साथ ठुमको लगवली। ई ठुमको अपने अंदाज में रहें।
:- अमरेश प्रसाद
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