भोजपुरी
के दुनिया में कइगो पोपुलर कलाकार, अभिनेता, अभिनेत्री, लीडर,
गायक, लेखक, वेबसाइट संचालक आ भोजपुरी क्षेत्र से जुडल पावरफुल
लोग बा | आईं पूर्वांचलएक्सप्रेस.कॉम पर ई भोजपुरी रतन के बारे
में "हॉल ऑफ़ फ़ेम" में अउरी जानकारी पाईं |
भोजपुरी के सुप्रसिद्व आ शिष्टाचारी लोक गीत गायकन में केहु
के नाव आवेला त ओमें विजया भारती के पहिला नाव आवेला। विजया
भारती भोजपुरी लोकगीत में माटी के महक के साथे भारत से ज्यादा
विदेश में भोजपुरी लोग गीत के पहचान आ प्रसिद्वी दिलइले बाडी।
महुआ चइनल के बिहाने-बिहाने कार्यक्रम के भौउजाई विजया भारती
के नाव सभ भोजपुरियन के जुबान पर बा। पिछला कुछ दिन पहिले पूर्वाचल
एक्सप्रेस के महुआ टीवी पर भइल एगो सर्वे में बिहाने-बिहाने
कार्यक्रम दुसरका नंम्बर पर आइल रहे।
पूर्वान्चल एक्सप्रेस डाट काम के इ भोजपुरिया रतन के चिन्ह
के लोक गीत-संगीत के प्रति समर्पित एगो साधिका के दीहल जात बा...
* भोजपुरी हॉल ऑफ़ फ़ेम ( भोजपुरी रतन
) *
1-पूरा नाम: विजय भारती झा
2- पोपुलर नाम: विजया भारती
3-जनम स्थान: मुंबई (ननिहाल)
4- जनम दिन: 28 जनवरी 1967
5-परिचय: लोक गीत-संगीत के प्रति समर्पित एगो साधिका
6- गाँव-जिला के नाम: जमालपुर, जिला-मुंगेर, बिहार
7-भोजपुरी से कब आ कइसे लगाव भइल? 1981 में आकाशवाणी भागलपुर
से लोकगीत गायन के स्वर-परीक्षा में 288 उम्मीदवारन (परीक्षार्थी)
में एक नंबर पर चुनल गइनी. अइसे त बचपन से हमार नइहर के बोल-चाल
के भाषा अंगिका रहल बा,बाकिर हमार पूरा ननिहाल परिवार में मुंबईया
भाषा के साथ-साथ यूपी सुल्तानपुर प्रतापगढ़ के भोजपुरी बोलल
जात रहे. ईश्वर के कृपा से बचपन से हमरा में कउनो भाषा के सुन
के ओकरा के हूबहू पकड़े के प्रतिभा रहे. एही चलते अंगिका, मैथिली
आ मगही के अतिरिक्त भोजपुरी प विशेष रूप से हमार लगाव बढ़ल.
गायन, लेखन आ धुन के कम्पोजीशन बढ़त गइल. 10-11 बरिस के उमर
से ही गायन के साथ-साथ हिन्दी, अंगिका मैथिली के अलावा भोजपुरी
में हमार गीत कविता लेखन के रफ्तार बढ़त गइल. फेर संस्कृत से
आनर्स आ हिन्दी तथा शास्त्रीय गायन में एम.ए. कइला के बाद हम
लोकसंगीत पर रिसर्च में लाग गइनी. 1989 में यूपीएससी से लोकसंगीत
से ही परीक्षा के तैयारी के क्रम में पारंपरिक लोकगीतन के अद्भुत
अथाह संकलन भइल, हमार जानकारी पुख्ता होत गइल. मंचीय प्रस्तुति
में लगातार सफलता मिलत गइल. लोग के सराहना, प्यार, आर्शीवाद
से हमार आत्मविश्वास व भोजपुरी संगीत के प्रति समर्पण व लगाव
बढ़त गइल. आज हम पूर्ण रूप से भोजपुरी गीत-संगीत व भोजपुरी भाषा-भाषी
खातिर आपन जीवन के समर्पित कइले बानी.
8-भोजपुरी भाषा, भोजपुरी मीडिया आ लोकगायकी के वर्तमान हालत
पर कुछ कहीं?-भोजपुरी भाषा के मिठास, धुन के मिठास, खिंचाव के
महानता, व्यापकता त शाश्वत सत्य बा.महुआ टीवी आ भोजपुरी में
पत्रिका द संडे इंडियन के आवे से भोजपुरी भाषा के विकास के नया
अध्याय शुरु भइल बा. पिछिला कुछ बरिस में दुनिया के क्षितिज
पर भोजपुरी के पॉपुलरिटी के साथ व्यवसायिक महत्वो बढ़ल बा, जेकरा
में भोजपुरी सिनेमा के बड़ा हाथ बा, लेकिन हम कहे के चाह तानी
कि भोजपुरी फिल्म निर्माता, गीतकार, कलाकार, सबके आपन व्यवसायिक
फायदा से अलग इहो प्रयास रहे कि चाहीं कि आपन समाज-संस्कृति
के सही रूप देखावस. हर भोजपुरी फिल्म में एगो अश्लील नंगा आइटम
गीत के रूप पर विचार कइल जरूरी बा. काहे से कि आज के वर्तमान
काल्ह के इतिहास बनी. प्रेम रोमांस के रस-रस पोरे-पोर महसूस
करावल जा सकेला बिना अश्लीलतो के.
9- आपन बचपन के बारे में कुछ बताईं ?-हमार जन्म ननिहाल मुंबई
में, पालन पोषण जमालपुर, मुंगेर में भइल. संस्कृत में बीए ऑनर्स
मुंगेर से कइनीं, हिंदी में एमए भागलपुर से कइनीं, शास्त्रीय
संगीत सीखनी आपन बनारस के गुरु पं. पशुपति नाथ मिश्र अउर पं.
अमरनाथ मिश्र से. एकरा बाद संगीत में एमए कइनीं चंडीगढ़ से.
साहित्य-संगीत में विद्या वाचस्पति कइनीं भागलपुर से. लेकिन
बिहार में ब्राम्हण परिवार के बेटी रहे के चलते बहुत संघर्ष
आ दुख सहे के पड़ल, जेकर विस्तृत चर्चा कठिन बा. आज हमार मानना
बा कि ईश्वर के कृपा, गुरु- शुभचिंतकन के आर्शीवाद आ दुनिया
भर के आपन श्रोता-दर्शकन के प्यार से एह मुकाम पर बानीं.
10 - भोजपुरी बोले आ सीखे के सबसे अच्छा उपाय का बा ?-एकर सबसे
बढ़िया उपाय इ बा कि हमनी के बिना झिझकले भोजपुरी में बतियावल
जाव. भोजपुरी चैनल देखीं. किताब आ वेबसाइट पढ़ीं. मन में इरादा
बा त भोजपुरिये का, का कवनो भाषा आसान बूझीं.
11-सबसे फेवरेट भोजपुरी फ़िल्म / गाना:-एगो ना कईगो फिलिम हमरा
बढ़िया लागेली स. जइसे- नदिया के पार, लागी नाहीं छूटे-रामा,
गंगा मइया तोहे पियरी चढ़इबो आ धरती मैया. ई फिलिमन के जादेतर
गीतो पसंद बा, बाकिर एगो गीत- लाली-लाली ओठबा से बरसे ललइया
हो कि रस चुवेला बहुत पसंद बा.
12-सबसे फेवरेट भोजपुरी शब्द / कहावत-एक बिहारी- सौ पर भारी
13-सबसे फेवरेट भोजपुरी खाना:-लिट्टी-चोखा आ फुलौरी- कढ़ी भात
14-कवनो अइसन घटना बताईं जवना के वजह से लाइफ में टर्निंग पॉइंट
भइल ?-सन 1991 हमरा जीवन में बड़ा महत्वपूर्ण साबित भइल. एही
साल हमरा जीवन में ओंकार अइले. ओंकार याने हमार पति ओंकारेश्वर
पांडेय. हम संकुचित समाज के दीवार फांद के बाहर अइनीं आ अपना
जीवन के फैसला खुद करे लगनीं. हमार पति ओकरा में पूरा साथ दीहलन.
आ एकरा बाद भगवान के किरपा से हम पीछे मुड़ के ना देखनीं.
17- भोजपुरिया समाज के सफल होखे खातिर का करे के चाहीं?-भोजपुरिया
समाज दुनिया भर में हर क्षेत्र में सफल बा, जेकर कवनो मुकाबला
नइखे.
18- कुछ लोगन के कहनाम बा कि भोजपुरी "गँवारू आ पिछड़ल"
भाषा हs - राउर कमेन्ट का बा?- भोजपुरिया के कर्मठता, सफलता
आ प्रतिभा से डेराइल लोग के ई प्रतिक्रिया ह. हमनी के आपन भाषा
संस्कृति प गर्व बा.
19- भविष्य में भोजपुरी के क्षेत्र में औरी का फिउचर प्लान
बा ?- हमार जीवन भोजपुरी गीत-संगीत आ समाज खातिर समर्पित बा.
जब जवन अवसर मिली, काम करत रहब. आगे ऊपरवाला के मर्जी.
20. भोजपुरी "हाल ऑफ़ फ़ेम" में राउर नाम चुनल गईल
बा - कईसन लागता ?- ई रउआ सभे के प्यार ह. पूर्वांचल एक्सप्रेस
के धन्यवाद.
21. भोजपुरी के अलावा औरी कवन-कवन भाषा जानेनी ?- भोजपुरी के
अलावे मैथिली, अंगिका, मगही, अंगरेजी, हिन्दी आ उर्दू त अइबे
करेला, बाकिर गीत त हम 18 भाषा में गाइला.
22. नया पीढ़ी के कलाकारन के कवनो संदेश?- मेहनत करीं.आपन भाषा
संस्कृति के सही पावन स्वरूप के ध्यान में राख के सही दिशा में
काम करीं. हमरा समझ से माटी से जुड़ल विचार आ स्वभाव के सहजता
सफलता के मूल मंत्र बा.
:- कुलदीप श्रीवास्तव
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