देश
के पहिला भोजपुरी फिलिम निरमात्री के रुप में जवन नांव सभले
आगे आवेला ऊ हई दीपा नारायण झा। उनुकर बनावल पहिलके फिलिम "कब
होई गवना हमार" के भोजपुरी फिलिम इतिहास में नेशनल अवार्ड
मिलल। गायिका, लेखिका आ निरमात्री दीपा नारायण झा आजु कउनो परिचय
के मोहताज नइखी। इहो ना कि लोग उनकरा के खाली पार्श्वगायक उदित
नारायण के मेहरारु भइला के नाते जानेला भा टीवी एंकर आ गायक
बेटा आदित्य नारायण के ओजह से। ऊ आपन पहचान खुदे 10 गो भारतीय
भासा में गाके, फिलिम निरमान कके आ लेखन से विश्व पटल पर बनइले
बाड़ी। ऊ लगभग 400 फिल्मन में नेपाली, हिन्दी, बंगाली, असामी,
भोजपुरी, उड़िया, गुजराती, राजस्थानी, पंजाबी, मैथिली, तेलुगु
आदि भासा में गउले बाडी, एकरा अलावे ऊ तकरीबन 1100 सय से भी
अधिका स्टेज शो इंडिया से लेके यूएसए, कनाडा, वेस्ट इंडिस, यूके,
साउस अफ्रीका, गल्फ, यू ए ई अउरी पुरा यूरोप में कइले बाड़ी।
ऊ लगभग 10 साल ले ऑल इंडिया रेडियो पर में भी काम कइले बाडी।
उनुकर बनावल फिलिम "कब होई गवना हमार" के जब नेशनल
अवार्ड मिलल त सँउसे भोजपुरियन के सीना गर्व तन गइल रहे। एह
फिलिम के कहानी भी दीपा नारायन के ही लिखले रहे।
उनुकर दोसर फिलिम "ई रिश्ता अनमोल बा" एही महीना
रिलीज होखे जा वाला बा, एही सिलसिला में उनुकरा से प्रघान संपादक
कुलदीप श्रीवास्तव बातचीत कइलन, पेश बा बातचीत के कुछ खास अंशः
भोजपुरी फिलिम बनावे के रउआ कइसे सोचनी, का व्यवसायिक कारन
रहे खाली की भोजपुरी से लगाव ?
रउआ सभे के पता ही होई की हमरा बिहार आ भोजपुरी से गहरा लगाव
आ परिवारिक झुकाव बा आ दुसर हमनीसन के मॉरीशस गइल रहनी सन एगो
शो के सिलसिला में त उहवाँ हम देखनी कि दूर देश में भी आपन पुरबिया
माटी के गमक चारु ओर फइलल बा। हर जगह आपन संस्कृति दिखाई देत
रहे। हम त एकदम से भाव विभोर हो गइनी। ओहिजा हमरा मन में विचार
आइल कि काहे ना एगो साफ सुथरा, पारिवारिक, मनोरंजक अउरी आपन
संस्कृति से भरपूर फिलिम बनावल जाव। तब हम उदित जी से बात कइनी
एकरा बारे में त उदित जी कहनी की काहे ना। एही तरह हम आपन पहिलका
भोजपुरी फिलिम "कब होई गवना हमार" बनइनी। ई फिलिम
सुपर डुपर सबित भइल अउरी हर तरह के लोग इह फिलिम के तारीफ कइल।
रउआ त मालूमे बा एह फिलिम के नेशनल अवार्ड भी मिल गइल। जवना
टाइम हमरा ई अवार्ड मिलल ऊ हमरा जिनिगी के अनमोल टाइम रहे। भोजपुरी
फिलिम के अवार्ड मिलला से दोसर भासा वाला लोग ई सोचे पर मजबूर
हो गइलन कि भोजपुरी अब खाली प्रांतीये भासा नइखे रह गइल। ई भासा
विश्व स्तरीय ह। देश में सभसे अधिक भोजपुरी बोले वालन ही बारेन।
आजु के समय भोजपुरी के का भविष्य बा? कुछ लोग के कहनाम बा कि
भोजपुरी फिल्मन में अश्लीलता के कारण भोजपुरिया बदनाम हो रहल
बारेन?
हमरा त ना लागे कि भोजपुरी फिल्मन में अश्लीलता होला, का हिन्दी
फिल्मन में कम कपडा पहिन के लोग नइखे नाचत? फिलिम से खुलापन
त आपन परिवारिक महौल में बा। दोसर बात ई बा कि नायिका जदि रोमांटिक
सीन करी त, सीन के मोताबिक त कपडा त पहिनबे करी।
राउर बेटा आदित्य नारायण भी भोजपुरी फिलिम करीहन?
देखीं ऊ अभी हिन्दी फिलिम कर रहल बा, ऊ विक्रम भटृ के फिलिम
में व्यस्त बा। कउनो बढ़िया कहानी होई त ऊ भोजपुरी फिलिम में
काम करी। आखिर आपन भासा भोजपुरी से कब तक केहू दूर रह सकेला।
राउर आवे वाला फिलिम "ई रिश्ता अनमोल बा" में का
खास बा?
ई इंडो-नेपाल वेन्चर में बनल फिलिम बा, जे एही महीना रिलीज होखे
वाला बा। एह फिलिम के शूटिंग भारत आ नेपाल में भइल बा। एह फिलिम
में दुनू देश के कलाकार सभे काम भी कइले बा। ई एगो परिवारिक
फिलिम ह जेकर कहानी भाईहन सभ पर बा। हमरा पुरा आशा ही ना विश्वास
बा कि ई फिलिम देखनिहारन सभके भरपूर मंनोरंजन करी। फिलिम में
हर कलाकार दिल-जान से मेहनत कइले बा लोग, जेहसे ई फिलिम अनमोल
बन गइल बा। आगे दर्शकन सभ पर आ भगवान पर बा। हमनी कलाकार सभ
के काम होला मेंहनत कइल बाकिर फिलिम के कामयाबी त दर्शकन सभ
के हाथ में होला। हमरा उमेद बा कि सभकरा ई फिलिम पसन्द आई।
का हमनीसन ई उमेद करी की भोजपुरी के दुसरा नेशनल अवार्ड भी
राउर "ई रिश्ता अनमोल बा" के मिली?
देखीं ई त हमरा हाथ में नइखे, बाकिर हम आ हमार पुरा युनिट पुरा
मेहनत कइले बा। हम उमेद करत बानी की नेशनल अवार्ड हमार एहू फिलिम
के मिले।
:- कुलदीप श्रीवास्तव
|