दरअसल उत्तर भारत के भोजपुरी एवं हिन्दी बेल्ट की यह लाडली अपने नए एलबम वल्र्ड म्यूजिक “ड।ैैप्ब्।स्श् के वल्र्ड प्रमोशनल टूर पर इन दिनों यूरोप सहित दुनिया के कई देशों के भ्रमण पर है। यूरोप के इस दौरे में सुश्री कल्पना के साथ संगीत की विश्वविख्यात हस्ती त्रिलोकगुरु , महान् पॉप सिंगर माईकल जैक्सन के लीड प्लेयर रह चुके फिलट्राम सहित कालोZ कैन्टीनी , फ्रीडर्मी , रोनाल्ड और स्टेफनो जैसी तमाम बड़ी हस्तियाँ मौजूद हैं। इस अन्तर्राश्ट्रीय एलबम को लेकर बेहद उत्साहित कल्पना ने बताया कि जब उन्होंने भोजपुरी के पूर्वी को त्रिलोकगुरु जी को सुनाया तो वे अत्यन्त प्रभावित हुए और उन्होंने साउथ अफ्रीका व ब्राजील के फोक म्यूजिक के साथ भोजपुरी के फ्यूजन को शामिल करने का सुझाव दिया और इस तरह से जर्मनी की एक बड़ी कम्पनी द्वारा वल्र्ड म्यूजिक संगीत एलबम “ड।ैैप्ब्।स्श् अपने तरीके के एक अद्भुत प्रयास के रुप में सामने आया।
इस एलबम के जरिये भोजपुरी की छवि से इतर संगीत की शहजादी बनकर उभरी कल्पना ने इसमें लोकगीत , भोजपुरी , बजरा , कजरी , निर्गुण और पूर्वी गीतों के साथ-साथ पॉप और जॉज जैसे विदेशी संगीत विधाओं में भी अपनी संगीत सौरभ बिखेरी है।
“ड।ैैप्ब्।स्श् के दूसरे ट्रैक में इन्होंने बनारसी ठुमरी , गोलपरिया और आसाम के लोकगीतों का मिश्रण किया है। बकौल सुश्री कल्पना संगीत को शास्त्रीय होने से पहले समकालिक होना चाहिए।
इसी दौरान कल्पना जहाँ एक तरफ प्रियदशZन की हिन्दी फिल्म ``पायरट´´ व ``दे दनादन´´ में म्यूजिक डायरेक्टर प्रीतम के साथ और रिलायन्स की हिन्दी फिल्म ``मिर्च´´ में म्यूजिक डायरेक्टर मोन्टी शर्मा के साथ अपनी आवाज का जादू बिखेर रही हैं। वहीं स्काटलैण्ड प्रवास के दौरान वहाँ की सर्द हवाओं के बीच रविकिशन की मजबूत एंकरिंग के चलते सुरसंग्राम के मंच की गर्माहट को महसूस करते हुए यू0पी0 और बिहार के दोनों फाइनलिस्टों क्रमश: मोहन राठौर व आलोक कुमार को बधाई भी भेजी है।