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हम चाँद हईं
त तू चाँदनी, हम सूर्य हईं त तू रोशनी
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तूहीं जिन्दगी,तूहीं हर खुशी, तूहीं खूबसूरत शायरी
तू हमार पहिला नज़र के प्यार,ए यार तूहीं त आखिरी
हम चाँद हईं त तू चाँदनी, हम सूर्य हईं त तू रोशनी
हम राग हईं त तू रागिनी, इहे भावना हवे दोस्ती
मोरे रूह में,मोरे साँस मेँ,तू त बस चुकल हऊ ए तरे
तोहे पावे के,तोहे खोवे के,अब डर कहाँ बा ए संगिनी
उहे आग सबका जिगर में बा,पर राह बा सबकर जुदा
केहू कर रहल बा धुआँ-धुआँ, केहू दे रहल बा रोशनी
हम तू मिलीं,जब भी मिलीं,बस ए तरे अरे हमसफर
न ही ‘तू’ रहे, न ही ‘हम’ रहे,इहे भावना हवे आशिकी
अब अकेले कब ले ए आग में सुनगत रहस बस ‘भावुके’
तब ले मजा नइखे कि जब तहरा खले हमरो कमी |
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गजल
:- मनोज भावुक
भावुक के गजल हरेक शुक्रवार रात दस बजे

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